Category: स्वरलिपि

राग बसंत का तान || RAAG BASANT KA TAAN || TAAN

तालबद्ध तानें  भरतमुनि कृत नाट्यशास्त्र में तान की व्युतपत्ति इस प्रकार बताई गई है  तनोति विस्तार धञि तान इति स्मृतः।  रागा यैस्तन्यते प्रायः स्वरास्तें तानका मताः।।  “ अर्थात तान शब्द संस्कृत के तन धातु में...

राग कल्याण || RAAG KALYAN NOTES || RAAG YAMAN NOTES || ध्रुपद की लयकारी || श्याम कल्याण || पूरिया कल्याण || शुद्ध कल्याण

राग कल्याण  सब ही तीवर सुर जहां , वादी गन्धार सुहाय।  अरु संवादी निखाद तें , ईमन राग कहाय।।  इसे कल्याण ठाट से उत्पन्न माना गया है। इसलिये यह अपने ठाट का आश्रय राग...

कर्नाटक स्वर – लीपी पद्धति || हिन्दुस्तानी स्वर – लिपि पद्धति || ग्वालियर घराना || जयपुर घराना || Karnataka Swarlipi Padhati || Hindustani Swarilipi Padhat || Question Answer

कर्नाटक स्वर – लीपी पद्धति Qusestion- कर्नाटक स्वर – लिपि पद्धति एवं हिन्दुस्तानी स्वर – लिपि पद्धति को विस्तार से समझाएं।  Ans –  प्राचीन काल से सम्पूर्ण भारत में संगीत की केवल एक पद्धति थी ,...

राग बसंत का परिचय और स्वरलिपि || INTRODUCTION AND MELODY OF RAGA BASANT || RAAG BASANT NOTES IN HINDI || CLASSICAL MUSIC

राग  बसंत का परिचय :-RAAG BASNT राग बसंत एक प्रशिद्ध प्राचीन राग है | इसका उल्लेख प्रत्येक प्राचीन ग्रन्थ में मिलता है | यह अवस्य है की वर्तमान बसंत राग का स्वरुप प्राचीन स्वरुप...